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टैक्स सेवर फिक्सड डिपॉज़िट: विशेषताएं
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- दो स्कीम टीडीजीआरई (पुन:निवेश प्रकार) और टीडीजीक्युआई (तिमाही ब्याज प्रकार).
- न्यूनतम और अधिकतम डिपॉज़िट राशि: न्यूनतम डिपॉज़िट राशि भारतीय रु.100 या उसके गुणक में होगी और अधिकतम डिपॉज़िट राशि भारतीय रु.100,000 होगी.
- लॉक-इन अवधि: आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के अंतर्गत कर लाभ हैं, इसलिए इस स्कीम के अंतर्गत एफडी पर कम से कम 5 वर्ष की अवधि का लॉक-इन पीरियड होगा.
- डिपॉज़िट के प्रकार: इस स्कीम में दो तरह की डिपॉज़िट्स उपलब्ध हैं, पहली ब्याज में तिमाही कम्पाउंडिंग/पुन:निवेश (आरआईसी स्कीम) प्रदान करती है वहीं दूसरी, जमाकर्ता के निर्धारित ऑपरेटिव अकाउंट में ब्याज का तिमाही भुगतान करती है (क्युआईसी स्कीम).
- फिक्सड डिपॉज़िट को समय-पूर्व बंद करना: आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के अंतर्गत कर योग्य आय से छूट के रूप में डिपॉज़िट के असेसमेंट के लिए 5 वर्ष की न्यूनतम लॉक-इन अवधि निर्धारित की गई है.
- किसी भी अंकित मूल्य की टर्म डिपॉज़िट रसीद की मैच्योरिटी अवधि, रसीद की आरंभ तिथि से पांच वर्ष होगी.
- कोई भी टर्म डिपॉज़िट उसकी रसीद की तिथि से पाँच वर्ष की अवधि समाप्त होने से पहले नकदीकरण नहीं की जा सकती है.
- फिक्सड डिपॉज़िट रसीद: स्कीम अधिसूचना के अनुसार, बैंक द्वारा जारी की गई फिक्सड डिपॉज़िट रसीद के जरिए इस स्कीम के अंतर्गत कर लाभ को क्लेम किया जा सकता है.
- स्त्रोत पर कर कटौती बैंक के पास फिक्सड डिपॉज़िट्स, आयकर अधिनियम 1961 के अनुसार कर कटौती के अधीन होंगी.
- अधिनियम के अंतर्गत इन टर्म डिपॉज़िट्स पर ब्याज कर का पात्र होगा, जो असेसी द्वारा पालन की जा रही अकाउंटिंग विधि पर निर्भर रहते हुए वार्षिक अर्जन या प्राप्ति पर आधारित होगा.
- अधिनियम की धारा 194ए या धारा 195 के प्रावधानों के अनुसार ऐसे ब्याज पर कर काटा जाएगा.
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अधिक जानकारी |
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