अपने खाते को सुरक्षित रखें
यदि आप इंटरनेट बैंकिंग या अन्य ऑनलाइन ट्रेडिंग खाता चलाते हैं तो आप अपने खाते को कैसे सुरक्षित रख सकेंगे, जानने के लिए कृपया निम्न को पढें:
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यदि कोई आपसे आपकी व्यक्तिगत जानकारी मांगे तो ऐसे ईमेल का जवाब कभी न दें
ऍक्सिस बैंक में हम ईमेल के जरिए आपसे आपकी व्यक्तिगत जानकारी कभी नहीं मांगते. न ही किसी अन्य तरीके यानी फोन, फैक्स या व्यक्तिगत तौर पर आपका पासवर्ड मांगा जाता है. यदि बैंक का कोई अधिकारी आपसे आपका पासवर्ड जानना चाहे तो कृपया न बताएं, साथ ही फौरन हमें इस बात की सूचना दें. हमारा ईमेल है ibrm@axisbank.com
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अपने पासवर्ड को पूरी तरह गुप्त रखें और समय-समय पर इसे बदलते रहें
भले ही भूल से आपने अपना पासवर्ड किसी और को बता दिया हो, फिर भी पासवर्ड को समय-समय पर बदलते रहने से आपका खाता पूरी तरह आपके नियंत्रण में रहेगा.
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अपने पासवर्ड को ऐसा बनाइए ताकि इसे कोई तोड न सके
अपने लिए जब आप पासवर्ड बनाएं तो यह कम से कम 6 अक्षरों का हो. इसे बनाते समय अंग्रेजी का कम से कम एक कैपिटल अक्षर, 0-9 से बीच की कोई संख्या और एक विशेष अक्षर (जैसे कि @,#,$, इत्यादि) अवश्य हो. ऐसा करने से पासवर्ड को तोडना बहुत मुश्किल हो जाता है.
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अपने ऑनलाइन खाते को देखने/ व्यवहार करने के लिए साइबर कैफे का इस्तेमाल कभी न करें
साइबर कैफे के कम्प्युटरों में वायरस हो सकते हैं तथा इसमें मौजूद व ट्रोजन आपकी व्यक्तिगत जानकारी को पकड सकते हैं और इसे किसी जालसाज को भेज सकते हैं. जानकारी प्राप्त करने का सबसे आसान तरीका है की-लॉगिंग सॉफ्टवेयर, जो आपके द्वारा टाइप की गई हर बात को रिकॉर्ड करता है, जिसे जालसाजी के उद्देश्य से कभी भी निकाला जा सकता है. अनजान कम्प्युटर पर अपने पासवर्ड टाइप करने से सावधान रहें.
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अपने कम्प्युटर को सुरक्षित रखें
कुछ गलत ईमेलों या अन्य स्पैम में ऐसे सॉफ्टवेयर हो सकते हैं जो इंटरनेट पर आपकी गतिविधियों (स्पाइवेयर) की जानकारी को रिकॉर्ड कर सकते हैं या एक पिछला चोर दरवाजा बना सकते हैं जिससे हैकर्स आपके कम्प्युटर को, बिना आपकी जानकारी या अनुमति, चला सकें (ट्रोजन). एन्टी-वायरस सॉफ्टवेयर डलवा लेने और इसे नवीनतम करवाते रहने से ऐसी हरकतों का पता लगाया व गलत सॉफ्टवेयर को निकाला जा सकता है, जबकि एन्टी-स्पैम सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से इन गलत ईमेलों को आप तक पहुंचने से रोका जा सकेगा. फायरवॉल लगवाना महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से उनके लिए, जो ब्रॉडबैंड कनेक्शन का इस्तेमाल करते हों. इससे आपके कम्प्यूटर पर दर्ज जानकारी सुरक्षित रहेगी, साथ ही अनचाहे लोगों से आपका संवाद रुक हो जाएगा. तसल्ली कर लें कि आपने अपने ब्राउसर के लिए नवीनतम सिक्युरिटी पैचेस डाउनलोड करवाए हैं तथा समय-समय पर उन्हें ताजा (अप-टू-डेट) करवाया हुआ है. यदि आपने पैचेस नहीं डलवाए हैं तो अपने ब्राउसर की वेबसाइट पर पधारें, उदाहरणस्वरूप - इंटरनेट एक्सप्लोरर के उपयोगकर्ताओं को माइक्रोसॉफ्ट वेबसाइट पर जाना चाहिए.
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आपके द्वारा विजिट की जाने वाली वेबसाइट की सुरक्षितता की तसल्ली कर लें
साइट पर बैंक विवरण या अन्य महत्वपूर्ण जानकारी भरने से पूर्व यह तसल्ली करने के लिए कि आपकी व्यक्गित जानकारी की सुरक्षा के लिए यह साइट एन्क्रिप्शन का इस्तेमाल करती है या नहीं, आप निम्न कुछ बातों पर गौर कर सकते हैं:
- यदि एड्रेस बार दिखाई देती है तो यूआरएल को 'https://' (इसमें 's' सुरक्षितता के लिए होता है) से शुरू होना चाहिए, न कि सामान्य 'http://' go.
- यदि एड्रेस बार दिखाई न दे, जैसा कि हमारी इंटरनेट बैंकिंग वेबसाइट पर होता है, तो ब्राउसर की स्टेटस बार पर लॉक आइकॉन को तलाशें. आप एन्क्रिप्शन, जिसे बिट्स में दिखाया जाता है, के स्तर पर अपने कर्सर को आइकॉन के ऊपर घुमाकर इसकी जांच कर सकते हैं.
कृपया नोट करें कि यदि यह वेबसाइट एन्क्रिप्शन का इस्तेमाल कर रही है तो इसका अर्थ यह न लगाया जाए कि यह वेबसाइट वैध ही होगी. ऐसा होना सिर्फ यह बताता है कि डेटा एन्क्रिप्ट रूप में भेजा जा रहा है.
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एसएसएल प्रमाणपत्र को वैध करवाएं
यदि आपको किसी प्रकार की शंका हो तो सिक्योर्ड पेज के बॉटम पर के लॉक आइकॉन पर क्लिक करें. इससे एसएसएल प्रमाणपत्र की जानकारी दर्शाती एक नई विन्डो खुल जाएगी. तसल्ली कर लें कि सर्टिफिकेट इन्फॉरमेशन शीर्षक के बाद किसी प्रकार का लाल रंग का क्रॉस का निशान न हो. इसे 'Issues to: https://www.axisbank.co.in भी होना चाहिए.
सर्टिफिकेट विन्डो के अन्य टैबों पर क्लिक करके आप और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. उपरोक्त चरणों पर चलने से आप स्वयं को सुरक्षित कर सकते हैं. फिर भी यह मत भूलिए कि जालसाज आपसे चार कदम आगे ही रहने की कोशिश करते रहते हैं. इस बात की तसल्ली करने के लिए कि आप हर समय सुरक्षित हैं, कृपया:
- अपना पिन या पासवर्ड कभी भी किसी और को न बताएं
- इन्हें लिख कर न रखें.
- अपने सभी ऑनलाइन खातों के लिए एक ही पासवर्ड काम में न लें.
- जहां तक हो सके स्पैम ईमेल को खोलने या जवाब न दें, क्योंकि ऐसा कर देने से भेजने वाले के पास कम से कम यह जानकारी तो पहुंच ही जाती है कि उनका ईमेल किसी कार्यरत पते (ऍक्टिव ईमेल) पर पहुंचा है.
इन सबसे ऊपर, महत्वपूर्ण और खास बात यह कि किसी अन्य को अपनी व्यक्तिगत जानकारी देते समय स्व-विवेक से काम लें. यदि आपको लगे कि कहीं कुछ गडबड है तो किसी प्रकार की जानकारी देने से पहले पूरी तरह जांचें.
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