विदेश से सस्ते और अनुचित ढंग से धन भेजने की फर्जी भारतीय रिजर्व बैंक प्रेस रीलिज : 2007-2008/770, दिनांकित - दिसंबर 7, 2007
भारतीय रिजर्व बैंक ने आम जनता को सचेत किया कि वे फर्जी विदेशियों के मार्फत भारतीय बैंकों / भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा विदेशों से सस्ते ढंग से और अवैध ढंग से पैसे मंगाने के झूठे आश्वासन के चक्करों में पडंकर अपना धन लुटाने से बचें. न आम जनता इन अपरिचित फर्जी लोगों की किसी पेशकश या इनकी किसी योजना में लगाने के लिए पैसे भेजें.
इन योजनाओं की सच्चाई की पोल खोलते हुए, भारतीय रिजर्व बैंक के कहा कि कुछ फर्जी विदेशी लोग या कंपनियां पत्र या ईमेल द्वारा भारतीय नागरिकों (इनमें स्कूल व अस्पताल भी हैं) के सामने, भारत में उनके व्यवसाय अथवा कामकाज में उनकी सहायता के मक्कारीभरे और झूठे आश्वासन का नाटक करते हुए, स्वयं को किसी प्रतिष्ठित कंपनी/लोगों का प्रतिनिधि बताकर मोटा धन ऐंठने के चक्कर में रहते हैं. ऐसी पेशकश के बाद यदि उनसे संपर्क स्थापित हो जाए तो ये फर्जी लोग आपसे आपके बैंक खाते का विवरण, साथ ही एक अमुक राशि बतौर आरंभिक जमा/उनका कमीशन, भेजने के लिए कहेंगे, ताकि बताई गई राशि आपके खाते में जमा की जा सके.
इसी तरह, हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक के सामने कुछ ऐसे मामले भी आए हैं जिनमें कुछ लोगों/अधिकृत डीलरों ने उनकी मंजूरी/स्पष्टीकरण मांगा है जिससे उनके नाम लगी हुई विदेशी लॉटरी, इत्यादि में बडी और आकर्षक राशि उनके खाते में जमा कराई जा सके. इसके अलावा भारतीय रिजर्व बैंक के सामने कुछ मामले ऐसे भी आए हैं जिनमें इन विदेशी फर्जी संस्थाओं ने भारत के लोगों को प्रलोभन दिया कि ऋण के रूप में भारत स्थित कुछ बैंकों में बडी राशियां पडी हैं जिन्हें भारतीय रिजर्व बैंक की मंजूरी पश्चात सस्ती दरों पर निकाला व किसी उचित लाभार्थी के खाते में जमा किया जा सकता है. अपने दावे की पुष्टि के लिए, इन जालसाजों और फर्जी लोगों द्वारा कभी-कभी भारतीय रिजर्व बैंक में जमा की गई ऐसी जमाओं के प्रमाणपत्र अथवा उनकी मूल रसीद की फोटोकॉपी भी साथ में होती है.
आज भारतीय रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट, 1999, के तहत, लॉटरी योजनाओं में जीती हुई राशि को किसी भी रूप में भेजने पर प्रतिबंध है. इसके अलावा, यह प्रतिबंध मनी सर्कुलेशन योजना या पुरस्कार/अवॉर्ड जीतकर पैसे कमाने के लिए विभिन्न नामों से चलने वाली लॉटरी जैसी योजनाओं में भाग लेकर, राशि के हस्तांतरण पर भी है. इसी के साथ, भारतीय रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि धन वितरण के लिए भारत में स्थित किसी भी व्यक्ति/संस्था/न्यास के नाम पर उनके पास ऐसा कोई भी खाता नहीं है.
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